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दमोह जिले के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर के पुरातत्व

 

::अम्बिका मठ - कुण्डलपुर::
दमोह जिले की पटेरा तहसील स्थित जिला मुख्यालय से सड़क मार्ग द्वारा 37 किलोमीटर की दूरी पर हैं यह मठ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक हैं।


अम्बिका मठ-कुण्डलपुर

अम्बिका मठ-कुण्डलपुर

अम्बिका मठ-कुण्डलपुर

अम्बिका मठ-कुण्डलपुर

अम्बिका मठ-कुण्डलपुर

अम्बिका मठ-कुण्डलपुर


अम्बिका मठ-कुण्डलपुर

अम्बिका मठ-कुण्डलपुर

अम्बिका मठ-कुण्डलपुर

अम्बिका मठ-कुण्डलपुर

अम्बिका मठ-कुण्डलपुर

अम्बिका मठ-कुण्डलपुर

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

::सकौर - गुप्तकालीन मंदिर::
दमोह जिले की हटा तहसील से लगभग 15 कि.मी. दूर हटा पन्ना मार्ग पर स्थित सकौर ग्राम गुप्त कालीन शासकों की स्वर्ण मुद्रायें प्राप्त होने का इतिहास संजोए हैं। यहाँ पर गुप्त कालीन सपाट छत वाला शिव मंदिर ग्राम के मध्य स्थित हैं। जो भारतीय पुरातत्व विभाग का संरक्षित स्मारक हैं ।


सकौर - गुप्तकालीन मंदिर

सकौर - गुप्तकालीन मंदिर

सकौर - गुप्तकालीन मंदिर

सकौर - गुप्तकालीन मंदिर

सकौर - गुप्तकालीन मंदिर

सकौर - गुप्तकालीन मंदिर


सकौर - गुप्तकालीन मंदिर

सकौर - गुप्तकालीन मंदिर

सकौर - गुप्तकालीन मंदिर

सकौर - गुप्तकालीन मंदिर
 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


::मडि़यादो किला::
दमोह जिले की हटा तहसील से 18 किमी. दूर मडि़यादो ग्राम स्थित है। हटा से वर्धा चैरईया मार्ग पर मडि़यादों ग्राम के मध्य स्थित विशाल किला परिसर भारतीय पुरातत्व विभाग का सरक्षित स्मारक है। स्थानीय जानकारों के मतानुसार संग्राम शाह के सिपहसालार के कार्यकाल यह किला अधिक जीर्ण-क्षीर्ण अवस्था में है।

 


मडि़यादो किला

मडि़यादो किला

मडि़यादो किला

मडि़यादो किला


मडि़यादो किला

मडि़यादो किला

मडि़यादो किला

मडि़यादो किला

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


::भिलौनी जटाशंकर किला::
दमोह जिले की हटा तहसील मडि़यादो से फतेहपुर मार्ग पर 16 किमी. की दूरी पर स्थित किला जटाशंकर  दुर्ग के नाम से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का संरक्षित स्मारक है।


भिलौनी जटाशंकर किला

भिलौनी जटाशंकर किला

भिलौनी जटाशंकर किला

भिलौनी जटाशंकर किला

भिलौनी जटाशंकर किला

भिलौनी जटाशंकर किला


भिलौनी जटाशंकर किला

भिलौनी जटाशंकर किला

भिलौनी जटाशंकर किला

भिलौनी जटाशंकर किला

भिलौनी जटाशंकर किला
 

 

 

 

 

 

 

 


::बरी कनौरा::
 दमोह जिले की हटा तहसील के फतेहपुर ग्राम से 12 कि.मी. दूर फतेहपुर, रजपुरा मार्ग पर मुख्य मार्ग से 05 कि.मी. जंगली रास्ते से बरी कनौरा जलाशय  के समीप स्थित मंदिर में शिवलिंग स्थापित हैं। यह भारतीय पुरातत्व विभाग का संरक्षित स्मारक हैं|


बरी कनौरा

बरी कनौरा

बरी कनौरा

बरी कनौरा

बरी कनौरा


बरी कनौरा

बरी कनौरा

बरी कनौरा

बरी कनौरा
 

 

 

 

 

 

 

::रनेह-मठ::
दमोह जिले की हटा तहसील के अंतर्गत हटा से 12 कि.मी. दूरी पर अवस्थित रनेह मठ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का संरक्षित स्मारक हैं।


रनेह-मठ

रनेह-मठ

रनेह-मठ

रनेह-मठ

 

 

 

 

 

 

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

::रंगमहल (हटा) किला::
दमोह जिले की तहसील मुख्यालय जिला मुख्यालय से 37 कि.मी. की दूरी पर हैं । वृहत परिसर में स्थित हटा किला रंगमहल के नाम से जाना जाता हैं । यह भारतीय पुरातत्व विभाग दिल्ली का संरक्षित स्मारक हैं।


रंगमहल (हटा) किला

रंगमहल (हटा) किला

रंगमहल (हटा) किला

रंगमहल (हटा) किला


रंगमहल (हटा) किला

रंगमहल (हटा) किला

रंगमहल (हटा) किला

रंगमहल (हटा) किला
 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


::कोड़ल शिव मंदिर::
दमोह जिले की तेन्दूखेड़ा तहसील अंतर्गत तेन्दूखेड़ा से 18 किमी. की दूरी पर स्थित शिव मंदिर  कलचुरी शासकों के शैव महाबलम्बि होने का स्पष्ट प्रमाण कराता हैकोड़ल शिव मंदिर भारतीय पुरातत्व विभाग का संरक्षित स्मारक है।


कोड़ल शिव मंदिर

कोड़ल शिव मंदिर

कोड़ल शिव मंदिर

कोड़ल शिव मंदिर

कोड़ल शिव मंदिर


कोड़ल शिव मंदिर

कोड़ल शिव मंदिर

कोड़ल शिव मंदिर

कोड़ल शिव मंदिर
 

 

 

 

 

 

 

 

 


::
नोहटा::
दमोह जबलपुर मुख्य मार्ग पर दमोह से 19 कि.मी. दूरी पर अवस्थित रानी नोहला देवी द्वारा निर्मित शिव मंदिर उचे विहान पर अवस्थित है।


नोहटा

नोहटा

नोहटा

नोहटा

नोहटा


नोहटा

नोहटा

नोहटा

नोहटा

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


::सिंगौरगढ़::
दमोह जिला मुख्यालय से जबलपुर मार्ग पर 47 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सिंग्रामपुर बस्ती के पूर्व दहिने और भैंसाघाट वाले रास्ते में वन विभाग के दाहिने बैरियर से पगडंडी मार्ग द्वारा 7 कि.मी. कच्चे मार्ग हेतु सीढि़यां तथा किले के मुख्य द्वार जीर्ण-शीर्ण दशा में अवस्थित है। वृहद पहाड़ी पर सुरक्षा प्राचीर बुर्ज दिखाई देते है, जिससे तय होता है कि किला परिसर विस्तारिता क्षेत्र में रहा होगा। यह भारतीय पुरातत्व विभाग का संरक्षित स्मारक है। किला परिसर से आधा कि.मी. दूरी पर ही प्राचीनतम् तालाब स्थित है, जो रमणीय है एवं इसमें मगर भी है।


सिंगौरगढ़

सिंगौरगढ़

सिंगौरगढ़

सिंगौरगढ़

सिंगौरगढ़


सिंगौरगढ़

सिंगौरगढ़

सिंगौरगढ़

सिंगौरगढ़
 

 

 

 

 

 

 

 

 


::वराह प्रतिमा (बड़ी देवी मंदिर दमोह)::
दमोह जिला मुख्यालय पर फुटेरा तालाब बड़ी देवी मंदिर के निकट तालाब तट पर ही भगवान विष्णु का अवतार स्वरूप् विशाल वराह प्रतिमा विराजित है, प्रतिमा चबूतरे पर दो खम्बों की छत के नीचे स्थापित है। यह भारतीय पुरातत्व विभाग का संरक्षित स्मारक है। बड़ी देवी मंदिर स्थल, दमोह शहर का प्रमुख धार्मिक आस्था का केन्द्र है।


वराह प्रतिमा (बड़ी देवी मंदिर दमोह)

वराह प्रतिमा (बड़ी देवी मंदिर दमोह)

वराह प्रतिमा (बड़ी देवी मंदिर दमोह)

वराह प्रतिमा (बड़ी देवी मंदिर दमोह)

वराह प्रतिमा (बड़ी देवी मंदिर दमोह)
 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


 

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